दिल्ली में आज से ग्रैप गाइडलाइन लागू, ये काम करने पर पाबंदी होगी, जानिए क्या हैं नए नियम

दिल्ली में आज से ग्रैप गाइडलाइन लागू, ये काम करने पर पाबंदी होगी, जानिए क्या हैं नए नियम


जीआरएपी दिशानिर्देश समाचार दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से लोगों को राहत पाने के लिए आज यानी 31 दिसंबर से ग्रैप के स्टेज-1 को लागू किया जा रहा है। यह निर्णय कमिशन फॉर एयर क्वालिटी सदस्य की ग्रैप को लेकर पहली बैठक के बाद लिया गया। बैठक में फैसला लिया गया कि ग्रैप की गाइडलाइंस को आज से लागू कर दिए जाएं। साथ ही ये भी कहा गया है कि 500 ​​वर्ग मीटर से बड़े निर्माण कार्य पर रोक रहेगी।

आज ये स्थिति को लागू करने के बाद एक दिन पहले हुई सीएक्यूएम की बैठक में अभिलेखएम प्राधिकरणों की ओर से समग्रता के दृष्टिकोण को लिया गया। बैठक के दौरान पाया गया कि 5 अक्टूबर को प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में पहुंच गया था। इस बात को ध्यान में रखते हुए ग्रैप के नियम लागू किए जा रहे हैं। इस फैसले के बाद दिल्ली-एनसीआर में इसके समझौते जा रहे हैं सभी कदमों का अब सख्ती से पालन करना होगा। ग्रैप के पहले चरण में 23 कदम उठाने के लिए अलग-अलग छतों को अलर्ट कर दिया गया है।

एकत्रित रोकने के लिए ये ग्रैप का एक्शन प्लान

1. दस साल पुराना डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल काफी हद तक पाबंद। इसका पालन करने के लिए 380 टीमें बनाई गई हैं।
2. 203 कई भीड़भाड़ वाले रास्ते के वैकल्पिक रूट तैयार करने पर दिया जाएगा।
3. खुले कूड़ा पर बैन लगा और इसे रोकने के लिए 611 टीमों का गठन किया गया।
4. 33 टीम का गठन किया गया है ताकि मंडल में कोई पाइप गैस के अलावा दूसरा ईंधन इस्तेमाल न करें।
5. पटाखों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। पटाखों की खरीद-बिक्री पर उसका रिकार्ड बिक्री पर प्रतिबंध है। अब ऑनलाइन आवेदन पर भी रोक है। इसे लागू करने के लिए 210 टीमों का गठन किया गया है।
6. पराली के लिए पूसा द्वारा तैयार बायो डी कंपोजर का चमत्कार किया जाएगा। साल 2022 में 4,000 एकड़ में इसका हिसाब किया गया था। इस बार 5,000 एकड़ में गजब की योजना है।
7. डस्ट पॉल्यूशन रोकने के लिए 6 अक्टूबर से एंटी-डस्ट कैंपेन चलेगा। 500 वर्ग मीटर से अधिक जो निर्माण साइट है उनके लिए अब एक कंपलसरी होगा कि सरकार के वेब पोर्टल पर रजिस्टर करें। अब डस्ट कंट्रोल की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। 586 टीमों का गठन किया गया है जो निर्माण साइट पर मॉनिटरिंग करेंगे।
8. 5000 वर्ग मीटर से अधिक के एरिया वाली निर्माण साइट पर एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य है। पूरी दिल्ली में 233 एंटी स्मॉग गन लगाए जा रहे हैं। सड़क पर उड़ने वाली धूल को कंट्रोल करने के लिए 80 डस्ट झाड़ने वाली मशीन से झाग निकलता है। 521 मशीन पानी का कमाल।
9. 150 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन का धुआं जा रहा है जिससे उड़ने वाले धूल को नियंत्रित किया जा सकता है। महत्वपूर्ण से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए PUC की जांच और सख्ती की जाएगी।
10. 3500 से ज्यादा वॉलंटियर्स को पर्यावरण मित्र बनाया गया है। ये लोग समाज सेवा और लोगों को पर्यावरण के लिए सचेत करेंगे। अगर आप पर्यावरण मित्र बनना चाहते हैं तो 8448441758 पर मिस कॉल दें।
11. इलेक्ट्रॉनिक कूड़े के प्रबंधन के लिए एक ई-वेस्ट पार्क बनाया जा रहा है। उत्तर पश्चिम दिल्ली की होलंबी कलां में 20 एकड़ में ई वेस्ट पार्क बना रहे हैं। पूरी दिल्ली का इलेक्ट्रॉनिक ठेका ले जाया जाएगा और वैज्ञानिक तरीके से इसका निस्तारण होगा।
12. हरित आच्छादन बढ़ाने के लिए 42 लाख संयंत्र लगाने का लक्ष्य रखा गया था, पहले चरण में 33 लाख वृक्ष लग चुके हैं। दूसरे चरण में 9 लाख पेड़ संयंत्र और अनुमान लगाएंगे।

अब दिल्ली में इन गतिविधियों पर पूरी तरह से पाबंदी

1.डस्ट पॉल्यूशन फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पटाखों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
2. निर्माण साइट पर अस्पष्टता पर भारी जुर्माना लगाना होगा।
3. दिल्ली में ग्रीन कवर बढ़ रहा है। पहले 20% हरित आवरण था अब 23.6% है।
4. इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी आने से लोग अब इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीद रहे हैं।
5. संकुल को नियंत्रित करने के मकसद से कम पाल्यूशन वाले महत्वपूर्ण को बढ़ावा दिया जाएगा। डीटीसी के बेड़े में भी ऐसी बसों की खरीद करने को कहा गया है।
6. पराली गलाने के लिए बायो डी कंपोजर का इस्तेमाल किया जाएगा।
7. 233 एंटी स्मॉग गन और 150 मोबाइल एंटी स्मॉग गन जुड़ेंगे।
8. पुराने पेट्रोल-डीजल पर सख्ती की जाएगी।
9. दिल्ली में कोई कोयला आधारित बिजली संयंत्र संचालित नहीं किए जाएंगे।

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